ज्ञान के मंथन के बाद मौन ही मिलता है।
और मौन देता है मोक्ष का रास्ता।
उसके बाद ना कुछ महंगा, ना कुछ सस्ता।
ना हार, ना जीत,
बस गूंजता है परम सत्य का गीत,
और उसके बाद क्या hcs, क्या ias और क्या फकीर,
सबकी एक सी तकदीर।
सबकी एक जैसी लकीर,
ना छोटी, ना बड़ी,
बस समय की एक सी निरंतर घड़ी,
ना अच्छी, ना बुरी,
जीवन की एक ऐसी धुरी।
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